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नई दिल्ली। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस की दिवंगत नेत्री इंदिरा गांधी जब देश के किसी कोने में पहुंचती थीं, तो सबसे पहले एक ही शब्द गूंजता था इंदिरा…इंदिरा और इंदिरा। आज भी कुछ ऐसा ही हुआ गुजरात के गांधीनगर में, जब यहां की फिजाओं में सालों बाद एक बार फिर गूंजा इंदिरा…इंदिरा और इंदिरा। लेकिन, इस बार इंदिरा नहीं बल्कि उनकी पौत्री प्रियंका गांधी के स्वागत में लोगों ने यह नारे लगाए। करीब 58 साल बाद गुजरात में कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस महासचिव बनने के बाद पहली बार इंदिरा गांधी भी शामिल हुईं।

जब कांग्रेस की सभा में गूंजने लगा इंदिरा…इंदिरा और इंदिरा

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मोदी के गढ़ में बैठक के बाद जैसे ही कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए प्रियंका गांधी उठीं, वैसे ही नारे लगने लगे इंदिरा…इंदिरा एक बार फिर इंदिरा। प्रियंका को देखने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में इतना उत्साह बढ़ गया कि उन्हें एक बार फिर इंदिरा गांधी की याद आ गई। प्रियंका गांधी ने भी कार्यकर्ताओं में जोश भरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। महासचिव बनने के बाद पहली बार चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि सरकार ने जो 15 लाख रुपए के देने के वादे किए थे, वो अब तक कहां हैं?

प्रियंका ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार लगातार देश को बांटने का काम कर रही है। देश में नफरत फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में जो हो रहा है, उसे देखकर मन बहुत दुखी हो गया है। अब देखना यह है कि जिस तरह लोग प्रियंका में इंदिरा गांधी की छवि देख रहे हैं, इंदिरा गांधी से उनकी तुलना कर रहे हैं। ऐसे में प्रियंका गांधी क्या सच में इंदिरा गांधी की तरह लोगो में अपनी साख बना पाएंगी?

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