IT एक्सपर्ट ने किया सनसनीखेज दावा- EVM के सॉफ्टवेयर में कुछ तो गड़बड़ है

IT एक्सपर्ट ने किया सनसनीखेज दावा- EVM के सॉफ्टवेयर में कुछ तो गड़बड़ है

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गांधी परिवार के बेहद करीबी और राजीव गांधी के शासनकाल में कंप्यूटर क्रांति के अग्रदूत कहे जाने वाले सैप पित्रौदा ने एक बार फिर ईवीएम पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि ईवीएम सॉफ्टवेयर के सिग्नलिंग में कुछ तो गड़बड़ जरूर है। अगर एक साल के लिए ईवीएम मिल जाये तो वो उस गडबड़का पर्दाफाश कर देंगे। पित्रौदा ने यह सवाल उठा कर मोदी सरकार और निर्वाचन आयोग की निष्ठा को संदिग्ध बना दिया है।

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा ने कहा कि एक इंजीनियर और , तकनीकि विशेषज्ञ के रूप में मैं ईवीएम से संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने कहा कि हम पिनप्वाइंट नहीं कर सकते क्योंकि हमारे पास ईवीएम नहीं है। अगर हमें एक साल के लिए अध्ययन करने के लिए ईवीएम मिलता है तो हम आपको कुछ बता पाएंगे। सैम पित्रोदा ने कहा कि आपको ईवीएम सॉफ्टवेयर की डिजाइन को समझना होगा। हर छोटे सिग्नल का विश्लेषण करना होगा। तभी जाकर आप कुछ कह सकते हैं लेकिन एक बात स्पष्ट है कि इसमें कुछ समस्या है, लेकिन वो समस्या क्या है फिल्हाल हम नहीं जानते हैं।

इसके अलावा सैम पित्रोदा ने कई और मुद्दों पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया है। सैम पित्रोदा ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र के लिए लोगों की राय सुनी गई। हमने लोगों को सुनने के लिए 5-6 महीने बिताए। हम देश के अलग-अलग हिस्सों में गए और वहां के लोगों से बात की, डोमेन विषेषज्ञों से मिले, दुबई में एक बैठक की जहां 12 देशों के सदस्य आए थे। कांग्रेस के घोषणा पत्र ममें 52 चीजें सूचीबद्ध हैं। अगर हम सत्ता में आते हैं तो मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यह घोषणा पत्र लागू किया जाएगा। यह झूठा वादा साबित नहीं होगा। बता दें कि चुनाव आते ही ईवीएम का मुद्दा गरमाने लगता है। इस बार भी वैसा ही हुआ है। चुनाव से पहले लगभग 20 से अधिका राजनीतिक पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीन भी लगाई जाए। हालांकि कोर्ट ने दो ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपैट मशीनें लगाने का आदेश दिया है।

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